घटिया निर्माण के आरोपों के बीच सीसी पुलिया का काम तेज, सवालों के घेरे में ठेकेदार, सरपंच और जिम्मेदार अधिकारी
लाखों की पुलिया पर भ्रष्टाचार के आरोप, सरपंच-ठेकेदार और अधिकारियों की साठगांठ की चर्चा तेज
महेश्वर जनपद की ग्राम पंचायत लाडवी का मामला, डैमेज पाइपों के इस्तेमाल पर उठे सवाल
किशन लाल जागिड़–महेश्वर संवाददाता मो 9829276941
महेश्वर जनपथ ग्राम पंचायत लाडवी के बूड़की पूरा के आगे माहेश्वरी नदी राजपुरा मातमूर रोड पर निर्माणाधीन सीसी पुलिया में कथित भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का मामला अब गरमाता जा रहा है। जिस कार्य में शुरुआती दौर से ही तकनीकी खामियां और डैमेज पाइपों के इस्तेमाल के गंभीर आरोप लग रहे थे, उसे अब आनन-फानन में युद्धस्तर पर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
साक्ष्यों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन
सूत्रों से प्राप्त जानकारी और मौके पर मौजूद साक्ष्यों के अनुसार, पुलिया निर्माण में प्रयुक्त किए जा रहे कंक्रीट पाइप पहले से ही क्षतिग्रस्त थे और निर्माण के शुरुआती चरण में ही कंक्रीट के ढांचे पर दरारें उभर आई थीं। इस संबंध में स्थानीय स्तर पर तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारियों, जिनमें सहायक यंत्री राजेश ठाकुर एवं जनपद पंचायत सीईओ रीना चौहान शामिल हैं, को भी साक्ष्यों और वीडियो के साथ अवगत कराया गया था। परंतु प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई या निर्माण कार्य रोकने के निर्देश जारी नहीं किए गए अधिकारियों की इस चुप्पी के बाद ठेकेदार, सरपंच और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका और गहरा गई है।
खबर के बाद अचानक क्यों बढ़ी रफ्तार
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि निर्माण कार्य पूरी तरह से तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप था, अधिकारियों से सवालों के बाद अचानक काम को इतनी हड़बड़ी में पूरा करने की जरूरत क्यों महसूस हुई ? क्या जिम्मेदारों को निर्माण की वास्तविक स्थिति और अपनी कमियों का अंदेशा था, जिसे छिपाने के लिए कंक्रीट की परतें चढ़ाकर साक्ष्यों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है
मुद्दे को भटकाने और दबाव बनाने का प्रयास
जनहित और भ्रष्टाचार के इस मामले को उजागर करने के बाद एक नया मोड़ भी सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, मामले को दबाने और पत्रकार पर अनैतिक दबाव बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। बताया जा रहा है कि खबर सामने आने के बाद मनोज साल्वे जो उपयंत्री है महेश्वर में ही जनपद में पदस्थ उन्होंने यह भी कहा मैंने राजेश ठाकुर इंजीनियर साहब के कहने पर आपको कॉल किया है मेने खुद ने देखा है पुलिया निर्माण बहुत अच्छा हो रहा है आप आप गलत खबरें लगाते हो नहीं मैं आपको कॉल भी नहीं करता नामक व्यक्ति द्वारा हरिजन प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराने और परेशान करने की धमकी देने की बात सामने आई है, जिसकी एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि सरकारी धन के दुरुपयोग के खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने के लिए अलग-अलग माध्यमों से हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
प्रशासनिक निष्पक्षता पर खड़े हुए बड़े सवाल
इस निर्माणाधीन पुलिया की तकनीकी और सामग्री की गुणवत्ता की कोई निष्पक्ष ‘थर्ड पार्टी’ जांच कराई जाएगी
डैमेज पाइपों का इस्तेमाल करने वाले ठेकेदार और उसे मूक सहमति देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या एक्शन होगा
क्या जनता के पैसे से खिलवाड़ कर बनाई जा रही इस पुलिया को भविष्य की सुरक्षा के मद्देनजर दोबारा मानक स्तर पर तैयार कराया जाएगा
जब शिकायतें पहले से थीं और साक्ष्य भी मौजूद थे तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई जनता के टैक्स की गाढ़ी कमाई और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अब महेश्वर की जनता सीधे तौर पर जिला प्रशासन से जवाबदेही मांग रही है।


