संवाददाता:-महेश शर्मा
बुधवार– मां गायत्री शक्तिपीठ धामनोद में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महेश्वररड स्थित धामनोद शक्तिपीठ से जुड़े आसपास के सभी देवग्रामों के गायत्री परिजनों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर गुरुसत्ता के प्रति अपनी श्रद्धा एवं समर्पण भाव प्रकट किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ से हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर विश्व शांति, राष्ट्र निर्माण, परिवार की सुख-समृद्धि तथा मानवता के कल्याण की मंगलकामना की। महायज्ञ के उपरांत परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के प्रेरणादायी विचारों का श्रवण कराया गया। इस दौरान बताया गया कि “मनुष्य देवता है, मानव माधव के समान है तथा नर नारायण का स्वरूप है।
गुरु पूर्णिमा पर्व के पावन अवसर पर गुरु की महिमा, गुरुतत्त्व की आवश्यकता तथा गुरुदेव के जीवन-दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उपस्थित सभी परिजनों को युग निर्माण अभियान से जुड़कर समाज में नैतिकता, सद्भावना, संस्कार एवं राष्ट्रीय चेतना का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2026, जो परम आदरणीया माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी, अखंड दीप की जन्मशताब्दी तथा परम पूज्य गुरुदेव की तप-साधना के 100 वर्ष पूर्ण होने का ऐतिहासिक वर्ष है, उसके उपलक्ष्य में चलाए गए गायत्री महामंत्र लेखन अभियान की जानकारी दी गई। सभी परिजनों के सामूहिक प्रयासों से एक करोड़ गायत्री महामंत्र लेखन पूर्ण किया गया।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव की समस्त व्यवस्थाओं में गायत्री परिवार ट्रस्ट धामनोद के सभी कार्यकर्ताओं एवं परिजनों ने सेवा, श्रम एवं समर्पण के साथ सहयोग प्रदान किया।
इस अवसर पर सभी भाई-बहनों ने संकल्प लिया कि शक्तिपीठ के माध्यम से आसपास के गांवों में जन-जागरण, नैतिक चेतना एवं राष्ट्रीय चेतना का अभियान चलाया जाएगा। परम पूज्य गुरुदेव के विचारों से युक्त ज्ञान यज्ञ की लाल मशाल गांव-गांव पहुंचाकर समाज में संस्कार, सदाचार एवं सकारात्मक परिवर्तन का संदेश प्रसारित किया जाएगा।
कार्यक्रम के समापन पर गुरु पूजन, सामूहिक आरती, गायत्री महामंत्र जप एवं विश्व शांति की प्रार्थना सम्पन्न हुई। इसके पश्चात विशाल प्रसादी (भोजन) का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु एवं गायत्री परिजनों ने प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। ट्रस्ट ने सभी सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया
