ढाबों पर खुलेआम छलकते जाम, गुमटियों से बिकती शराब,
आदिवासी क्षेत्र व युवा हो रहे नशे के शिकार प्रशासन मौन
अश्विन जायसवाल धामनोद-9977481561
शराब ठेकेदार और आबकारी पुलिस प्रशासन की जुगलबंदी से धामनोद दूधी गुजरी से लगे सभी छोटे-छोटे आदिवासी बाहुल्य गांव, सहित नर्मदा तट पर बसी शराब बिक्री के लिए प्रतिबंधित पवित्र नगरी धरमपुरी, खलघाट में अवैध शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर फल फूल रहा है। शासन से ठेका लेकर ठेकेदार को सिर्फ नियुक्त शराब ठेके से शराब बेचनी होती है परंतु ठेकेदार क्षेत्र में सभी जगह दो पहिया चार पहिया वाहनों से शराब पहुंचते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा बिक्री हो सके और ज्यादा से ज्यादा लोगों को आसानी से शराब मिल सके, काउंटर के अलावा ढाबों और गुमटियों में चलता अवैध शराब का कारोबार आम जनता के लिए सर दर्द बन चुका। जब इतने खुलेआम तरीके से होटल ढाबों सहित किराना दुकानों पर भी शराब बिक रही है तो यह क्यों नहीं मान ले कि इसमें आबकारी विभाग की मोन रजामंदि से यह अवैध काम हो रहा है, क्यों नहीं मान ले की उनके ही संरक्षण में खुलेआम शराब खोरी का धंधा चल रहा है..? ठेके की दुकान के आसपास 20 से 25 किलोमीटर की जद में आने वाले छोटे-छोटे गांव में और ढाबों पर प्लेन और मसाला, अंग्रेजी शराब भी आसानी से मिलने लगी है, जिसके कारण आदिवासी क्षेत्र में युवाओं में शराब का चलन आम हो गया है, जब इतनी आसानी से हर जगह शराब मिलेगी तो वह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी, इतना ही नहीं कई लोगों से यह भी शिकायत मिली है कि शासकीय शराब दुकानों पर एमआरपी मूल्य से अधिक मूल्य से शराब बिक्री की जा रही है जिसकी शिकायत करने पर अधिकारी सुनते नहीं, जब 181 पर शिकायत की जाती है तो अधिकारी शिकायतकर्ता को इधर-उधर से दबाव दिलवा कर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाते हैं, जिसके पुख्ता सबूत रिपोर्टर के पास मौजूद है,
शराब कारोबारी ने अवैध शराब कारोबार का धामनोद गुजरी खलघाट धर्मपुरी क्षेत्र में आतंक मचा रखा है। इनसे क्षेत्र की पुलिस भी परेशान है। धामनोद थाना प्रभारी संतोष यादव ने शराब ठेकेदार को व ढाबा संचालकों को कई बार चेतावनी दी लेकिन शराब ठेकेदार को व ढाबा संचालकों को चेतावनी से कोई फर्क नहीं पड़ा, दो-चार दिनों तक ढाबा, होटल पर शराब बंद रही परंतु न जाने ऐसा क्या दबाव आया कि अब फिर से होटल ढाबों पर खुले आम शराब मिलती है और शराबी वहां बैठकर खुलेआम शराब पीते हैं , जिसके फोटो वीडियो रिपोर्टर के पास सुरक्षित हैं,
आसानी से मिलती शराब के कारण कई घर बर्बाद हो रहे हैं, लगातार क्षेत्र में बने होटल ढाबे और गुमटियों में अवैध शराब बिक रही है। इतना ही नहीं जानकारी में यह भी पता चला की शासकीय शराब दुकान से उनके गुर्गे अनैतिक रूप से दो पहिया वाहन पर चार पहिया वाहन पर शराब पहुंचते हैं, जिसके वीडियो फोटो कई बार सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जिसमें शराब ठेकेदार का पूरा संरक्षण रहता है, आसपास के ढाबे अब बार बनते दिखाई दे रहे हैं।
शराब ठेकेदार शासन प्रशासन के नियमों को ताख पर रखकर काम कर रहे हैं। शासकीय शराब दुकान पर नियम अनुसार उपलब्ध शराब के ब्रांड व उनकी बिक्री मूल्य कीमत की ना तो रेट लिस्ट है ना ही आबकारी विभाग में शिकायत हेतु बारकोड लगाया गया है, प्रशासन का नियम नहीं चलाया जा रहा यहां तो सिर्फ इंदौर के विवादित शराब ठेकेदार सूरज रजक द्वारा बनाए गए नियम ही चलते हैं, इतना ही नहीं शराब के ग्राहकों ने बताया कि शराब की क्वालिटी भी धामनोद क्षेत्र में ठीक नहीं आ रही है जिसकी जांच हेतु आबकारी विभाग के जांच केंद्र को जल्द ही शिकायत करेंगे
दुकान से शराब भेजे जाने से ग्रामीण क्षेत्र की जनता और महिलाएं भी परेशान है , नाम नहीं छापने की शर्त पर एक नेता ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की हालत नशे के कारोबार से बहुत ही खराब है। दूध की दुकानों से ज्यादा शराब की दुकान हो गई है आज का युवा नशे का आदि होता जा रहा इसके बावजूद भी ना स्थानीय नेता नही आबकारी विभाग का ध्यान है ,
अगर पुलिस प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी को अगर फ्री हैंड दे दिया जाए तो इस अवैध शराब के व्यापार को बंद किया जा सकता है।
आबकारी विभाग पर कहीं गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं इतने बड़े पैमाने पर ढाबे संचालित हो रहे हैं लेकिन अब तक करवाई क्यों नहीं की गई, गाड़ियां भरकर गांव में अवैध शराब भेजी जा रही इसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रहा।
क्या पुलिस और आबकारी विभाग शराब ठेकेदार पर कार्यवाही करेंगे..?
या फिर शराब ठेकेदार पुलिस और आबकारी विभाग को खुलेआम चुनौती देते रहेंगे…
— पिछले दिनों होटल ढाबा संचालकों की मीटिंग बुलाकर उन्हें सख्त हिदायत दी गई थी परंतु उसके बाद होटल ढाबों पर शराब ले जाते शराब पाई जाती है तो जल्द कार्रवाई करेंगे..–संतोष सिंह यादव–थाना प्रभारी धामनोद–

